Introduction
- भारत सदस्य ही अपने पौराणिक संस्कृति समृद्धि के लिए विश्व भर प्रसिद्ध रहा है। भारत अपने सांस्कृतिक धरोहर एवं विकास के लिए जाना जाता है। यहां पर ऐसी एक नहीं अनेक जगह और कलाकृति है जो भारत को विश्व से अलग बनाती है, उसे दौर में ऐसी कलाकृति मिलना असंभव था। आज हमलोग इस नलोग मे भी बात करेंगे की कैसे भारत की जीवनशैली विकसित हो रही है।
Table of Contents
- दक्षिणी भारत में ऐसे ऐसे कला कृति को दिखाया है कि ऐसी सोच पाना है कठिन था कि उसे समय में बिना किसी टेक्नोलॉजी के ऐसा हो सकता है। कभी पहाड़ो को कट करके मंदिर बनाना, तो कभी गुफाओं के अंदर है, तो कभी समतल से कई 100 मीटर ऊपर मंदिर का निर्माण, तो कभी न्यू सभ्यता का उदय, तो कभी महान राजाओं का अभिलेख आदि ऐसे कई अनेक वस्तुएं हमें मिलती है प्रिया प्रोवाइड करती है कि भारत से अद्भुत समृद्धि संस्कृत वाला देश रहा होगा।
From Traditions to Trends: India’s Lifestyle is Evolving in the 21st Century
- 21वीं सदी भारत के लिए एक टर्निंग प्वाइंट साबित हो रही है जो हर एक दिशा में भारत को बदलता जा रहा है(India’s Lifestyle is Evolving)। दरअसल इसकी शुरुआत 20वीं साड़ी के अंत से ही शुरू होने लगी थी भारत हर एक मुद्दे में खुद को पहले से बेहतर करता जा रहा है। आज हम इस ब्लॉग में इन जैसे कुछ मुद्दों के बारे में ही बात करेंगे।
खानपान में बदलाव(Changes in Diet):
- भारत का प्राचीन काल से ही मसाले का केंद्र रहा है। भारत में दूसरे देश के मुकाबले बहुत सस्ते दामों में मसाले मिल जाते थे जिस वजह से विदेशी कंपनियां भारत से व्यापार करने के लिए आने लगी। चुकी भारत मसाले का केंद्र रहा है तो यह स्वाभाविक है कि यहां के लोग अधिक मसालेदार खाना खाते होंगे। फिर धीरे-धीरे विदेशी व्यापारियों के खाने का असर भारत पर पढ़ने लगा, उनके दिलचस्प हो विदेशी व्यंजनों की तरफ आकर्षित होने लगी।
- आजादी के बाद व्यापारिक तौर पर विदेशी कपड़े खान आदि का चलन भारत में चलने लगा। फिर धीरे-धीरे लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर के जागरूक हुए और उन्हें मसालेदार खाने एवं विदेशी खाना के बॉडी पर पढ़ने वाले नुकसान का पता चला।आज यह परिणाम है कि लोग अपने हाथ से बनाए गए कम मसाले दर वह देसी खाना खाने लगे हैं। आज शाकाहारी, प्लांट बेस्ट फूड, उबला खाना, कच्चा सब्जी खाने का चल चलन बढ़ गया है।
डिजिटल दुनिया: जीवन पर असर(Digital World: Impact on Life):
- इंटरनेट स्मार्टफोन सोशल मीडिया ने आम जिंदगी को बदल कर रख दिया। आज लोग हर छोटी बड़ी कम घर बैठे फोन के जरिए ऑनलाइन कर रहे हैं। ऑफिस वर्क से लेकर के खाना ,सामान मंगवाने तक ऑनलाइन हो जा रहा है। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर के रहन-सहन उसके पहनावे को देखकर लोग अपना रहे। बस इतना ही नहीं लोग घर बैठे ही देश-विदेश के खबरों को जान सकते हैं।
- यहां तक की आजकल लोग अपने जीवन साथी भी ऑनलाइन ढूंढ ले रहे। वे एक दूसरे को सोशल मीडिया के थ्रू जानते – समझते हैं व शादी कर लेते हैं।
काम काज(Workplace Culture):
- अगर हम कुछ दशक पहले जाएं तुम्हारे समझ में सिर्फ सरकारी नौकरी और व्यवसाय कोई प्राथमिकता दिया जाता था। इसमें समाज की कोई गलती नहीं होती पहले व्यवसाय ही बस इन चीजों में सीमित थी। धीरे-धीरे देश भर में ग्लोबलाइजेशन हुआ आईटी सेक्टर का प्रसारण हुआ। जैसे-जैसे लोग आधुनिक चीजों से जुड़ते गए वैसे मैं फोन लैपटॉप इंटरनेट को समझने लगे।
- आज लोग घर मैं अपने फैमिली के साथ बैठ करके भी ऑफिस वर्क कर रहे हैं। जॉब के साथ-साथ लोग इंटरनेट के थ्रू स्टार्टअप, शेयर बाजार में इन्वेस्ट, फ्रीलांसिंग आदि से पैसे कमा रहे हैं। डिजिटल इंडिया में काफी हद तक लोगों को रोजगार मिला।
Change in People’s Mindset:
- अगर हमको साल पहले की बात करें तो लोग पारंपरिक पितृत्नक था। आज भाई समाज महिलाओं में दूरदर्शिता जो समाज पहले महिलाओं को चूल्हे चौकी तक के सीमित मानता था शाही समाज आज महिलाओं को करियर ,शिक्षा, प्रोफेशन हर क्षेत्र में आगे पढ़ने अनुमति दे रहा है।
- आज महिलाओं एवं युवा को पूरी आजादी है कि वह अपने भविष्य के लिए निर्णय स्वयं ले सके। इसके साथ-साथ समाज की सोच अपने देश के लिए जिम्मेदार नागरिक की हो रही है। लोगों के मन में राष्ट्रभक्ति की भावना जागने लगी है जो की आजादी के कुछ साल बाद खत्म हो गई थी।
ट्रैवल(Travel):
- कुछ साल पहले तक देखा जाता था कि बुजुर्ग लोग चारों धाम यात्रा करते थे अथवा लोगों का घूमने का मतलब था सिर्फ तीर्थ स्थल। परंतु आज से बदलते दौर में लोग हर तरह का ट्रैवलिंग इंजॉय कर रहे हैं। लोग एडवेंचर माउंटेन , आइलैंड, सी आदि हर तरफ की जगह का रुख उठा रहे हैं। आजकल लोगों के बीच प्रतिशत स्पर्धा में बढ़ गई है की कौन कितने जगह पर घूम है।
रिश्तों में बदलाव: लव मैरेज का ट्रेंड(Change in relationships: Trend of love marriage):
- भारत की संस्कृति रही है कि अपने माता-पिता की पसंद से लोग शादी करते हैं जिसे हम अरेंज मैरिज भी कहते हैं। परंतु आज का दौर है लव मैरिज का, लिविंग रिलेशनशिप का। आज का ऐसा दौर है कि लोग सोशल मीडिया के थ्रू एक दूसरे को जानते हैं समझते हैं और उसके बाद से डेटिंग करते हैं। इसके बाद लोग लिविंग रिलेशनशिप में आते हैं और फिर शादी करते हैं। धीरे-धीरे यह कलर समान होता जा रहा है लोग इसे सामान्य के तौर पर देख रहे हो।
फैशन एंड स्टाइल(Fashion and Style):
- जहां लोग पहले धोती कुर्ता साड़ी पहनना पसंद करते थे, वही आज वेस्टर्न ड्रेस आज की युवाओं के बीच प्रचलन में है । आज का पुरुष समाज जींस , शर्ट , टीशर्ट साड़ी पहनने में कंफर्टेबल फील करता है तो महिलाओं पर टॉप शॉर्ट ड्रेस, आदि में कंफर्टेबल होती है। लोग अपने कल सुबह बोल करके विदेशी कलर अपना करके गौरवान्वित महसू करते हैं। इसके साथ-साथ अब सस्टेनेबल कपड़े को लेकर के लोग जागरुक हो रहे हैं।
पर्यावरण के प्रति अपना कदम:
- पिछले कुछ सालों में से देखा गया है कि लोग पर्यावरण को लेकर के जागरूक हो रहे हैं। कपड़ों की कटाई कम होने लगी है एवं वृक्षारोपण बढ़ रहा है। आजकल के अलावा सस्टेनेबल कपड़े पहन रहे हैं। ऐसा कोई वस्तु का उपयोग नहीं कर रहे हैं जिससे कि पर्यावरण का नुकसान पहुंचे तथा इको फ्रेंडली प्रोडक्ट का उपयोग कर रहे हैं।
निष्कर्ष(Conclusion):
भारत के जीवन शैली में पश्चिमी सभ्यता का प्रभाव बड़े जोर से पड़ रहा है। लोग दिन प्रतिदिन इसे अपनाते जा रहे हैं।धीरे धीरे भारत अपनी संस्कृति की ओर वापस लौटता जा रहा है।